Back
Gita Quote Maker

तेजः क्षमा धृतिः शौचमद्रोहो नातिमानिता।

 

भवन्ति सम्पदं दैवीमभिजातस्य भारत

।।16.3।।तेज (प्रभाव), क्षमा, धैर्य, शरीरकी शुद्धि, वैरभावका न रहना और मानको न चाहना, हे भरतवंशी अर्जुन ! ये सभी दैवी सम्पदाको प्राप्त हुए मनुष्यके लक्षण हैं।
Bhagavad Gita 16.3
geeta.prasuco.com
Templates
Layout