Back
Gita Quote Maker

येषामर्थे काङ्क्षितं नो राज्यं भोगाः सुखानि च।

 

त इमेऽवस्थिता युद्धे प्राणांस्त्यक्त्वा धनानि च

।।1.33।। जिनके लिये हमारी राज्य, भोग और सुखकी इच्छा है, वे ही ये सब अपने प्राणों की और धन की आशा का त्याग करके युद्ध में खड़े हैं।  
Bhagavad Gita 1.33
geeta.prasuco.com
Templates
Layout